राजनीति
धमतरी में चर्चों के बाहर लगे बोर्ड ने खींचा ध्यान, धर्म परिवर्तन के 250-300 आवेदन पेंडिंग होने का दावा
पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले में चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों के बाहर लगाए गए बोर्ड इन दिनों चर्चा में हैं। इन बोर्डों पर लिखा है- “चर्च भवन में प्रार्थना के लिए प्रवेश केवल ईसाइयों के लिए है। अन्य यदि अपनी स्वेच्छा से आते हैं तो इसके लिए खुद जिम्मेदार होंगे।” जिला क्रिश्चियन फोरम के मुताबिक, धमतरी जिले के करीब 30 से 35 चर्च और प्रार्थना सभा स्थलों पर इस तरह के बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें धमतरी का करीब 116 साल पुराना मेनोनाइट सुंदरगंज चर्च भी शामिल है।
जिला क्रिश्चियन फोरम के जनरल सेक्रेटरी डायमंड फिलस ने बताया कि प्रार्थना सभा के दौरान विवाद, विरोध और शोर-शराबे की स्थिति से बचने के लिए ये बोर्ड लगाए गए हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से कुछ संगठन चर्चों में गैर-ईसाइयों के प्रवेश को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई बार प्रार्थना सभा के दौरान विरोध की स्थिति बनने से धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं।
सूत्रों की माने तो डायमंड फिलस के मुताबिक, बोर्ड लगाने का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैर-ईसाइयों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपनी श्रद्धा और इच्छा से प्रार्थना सभा में शामिल होना चाहता है तो वह आ सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में उसकी जिम्मेदारी स्वयं की होगी।
1500 आवेदनों को लेकर फोरम ने दी सफाई
कलेक्ट्रेट में करीब 1500 आवेदन जमा होने के दावे को लेकर भी फोरम ने सफाई दी है। डायमंड फिलस का कहना है कि ये धर्म परिवर्तन की अनुमति मांगने वाले आवेदन नहीं हैं। उनके अनुसार, लोगों ने चर्च में आने-जाने और मसीह आराधना में शामिल होने को लेकर स्वेच्छा घोषणा पत्र जमा किए हैं।
फोरम के मुताबिक, इन घोषणाओं में लोगों ने अपनी इच्छा से, बिना किसी दबाव या लालच के मसीह आराधना में शामिल होने की बात कही है। डायमंड फिलस ने कहा कि इन दस्तावेजों को कलेक्टर से धर्म परिवर्तन की अनुमति लेने के लिए जमा नहीं किया गया है।
धर्म परिवर्तन के 250 से 300 आवेदन पेंडिंग होने का दावा
जिला क्रिश्चियन फोरम ने प्रशासन के पास धर्म परिवर्तन से जुड़े करीब 250 से 300 आवेदन पेंडिंग होने का भी दावा किया है। डायमंड फिलस के मुताबिक, ये उन लोगों के आवेदन हैं, जिन्होंने ईसाई धर्म अपनाने की इच्छा जताते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज जमा किए हैं।
वहीं, मामले को लेकर प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन से जुड़े आवेदन प्रशासन के पास आने की जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के दस्तावेज या आवेदन प्रशासन के पास मिले हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी। इस पूरे मामले में चर्चों के बाहर लगे बोर्ड, 1500 स्वेच्छा घोषणा पत्र और धर्म परिवर्तन से जुड़े बताए जा रहे 250 से 300 लंबित आवेदनों को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।