राजनीति
जिला पंचायत सामान्य सभा में गूंजा नकटी गांव का मुद्दा, यशवंत साहू ने काले वस्त्र और छाते के साथ जताया विरोध
पब्लिक स्वर,रायपुर। जिला पंचायत रायपुर की सामान्य सभा की बैठक में नकटी गांव के प्रभावित परिवारों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया गया। जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू ने काले वस्त्र और काले छाते के साथ सांकेतिक विरोध दर्ज कराते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, आर्थिक सहायता और सम्मानजनक आवास की मांग की। उनके साथ जिला पंचायत सदस्य पूजा लोकमणि कोसले, भीनू सुजीत गिधौड़े, कविता हेमंत कश्यप और हरिशंकर निषाद भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
बैठक के दौरान यशवंत साहू ने कहा कि जब किसी गरीब के सिर से उसकी छत छिन जाती है, तब बरसात में एक छाता ही उसका सहारा बन जाता है। इसी संदेश को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए काले छाते का प्रतीकात्मक उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर किसी भी परिवार को बेघर करना उचित नहीं है और नकटी गांव के सभी प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द न्यायपूर्ण पुनर्वास, आर्थिक सहायता और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य पूजा लोकमणि कोसले ने कहा कि बरसात के मौसम में किसी परिवार का बेघर होना बेहद दुखद है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सम्मानजनक पुनर्वास देना चाहिए।
वहीं भीनू सुजीत गिधौड़े ने प्रशासनिक कार्रवाई के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता देने की बात कही। कविता हेमंत कश्यप ने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रभावित परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। हरिशंकर निषाद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की पीड़ा को सदन तक पहुंचाना है और नकटी गांव के प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठती रहेगी।
प्रदर्शन के दौरान काला वस्त्र अन्याय के विरोध का प्रतीक बना, जबकि काला छाता उन परिवारों की पीड़ा को दर्शाता रहा, जिनके सिर से छत छिन जाने के बाद बरसात में यही उनका अस्थायी सहारा है। जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से संवेदनशील निर्णय लेते हुए प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत और न्याय दिलाने की मांग की।