Group में जुड़ें
🌎 ब्रेकिंग
🔴 रायपुर में भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, राज्यपाल-सीएम ने निभाई छेरापहरा की परंपरा 🔴 धमतरी के स्कूल में छात्र ने 12 से अधिक बच्चों को काटा, कारणों की जांच जारी 🔴 दिनदहाड़े बंदूक की नोक पर ज्वेलरी व्यापारी से लूट,इलाके में मचा हड़कंप 🔴 कमरे में 29 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच में जुटी पुलिस 🔴 खाद वितरण के आंकड़ों पर सदन में तीखी बहस, मंत्री ने विपक्ष के दावों को किया खारिज 🔴 E20 ईंधन से इंजन खराब! रायपुर कंज्यूमर कोर्ट का मारुति के खिलाफ बड़ा फैसला 🔴 धमतरी-रायपुर मार्ग पर हाईवा और यात्री बस की आमने-सामने भिड़ंत, दो घायल 🔴 भगवान श्री जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू ने क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की 🔴 खड़े ट्रैक्टर से टकराई तेज रफ्तार स्कूटी, दो महिला और दो बच्चों की मौत, एक बच्चा घायल 🔴 पत्नी ने पति पर लगाया ज्वाइंट अकाउंट बनाकर रकम निकालने का आरोप, मामला दर्ज
साड़ी पहनने वाली महिलाएं हो जाए सावधान,पेटीकोट को कसकर बांधना हो सकता है... देखें पूरी रिपोर्ट
राजनीति

साड़ी पहनने वाली महिलाएं हो जाए सावधान,पेटीकोट को कसकर बांधना हो सकता है... देखें पूरी रिपोर्ट

06 Nov 2024 1,155 Views Public Swar

पब्लिक स्वर/ बिहार और महाराष्ट्र के डॉक्टरों ने रोजाना साड़ी पहनने वाली महिलाओं को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि साड़ी के साथ पहने जाने वाले पेटीकोट को कसकर पहनने से आपको त्वचा कैंसर हो सकता है, बतादे कि वर्धा के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और बिहार के मधुबनी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टरों ने कैंसर से पीड़ित दो महिलाओं का इलाज करने के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि पारंपरिक रूप से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में साड़ी के नीचे पहने जाने वाले पेटीकोट के कसकर बांधे जाने के कारण लगातार घर्षण होता है। जिससे त्‍वचा में सूजन आ सकती है। कई बार ऐसे में छाले हो सकते हैं और कुछ मामलों में त्वचा कैंसर भी हो सकता है इसको पहले "साड़ी कैंसर" के नाम से संबोधित किया गया था, पर डॉक्टरों ने बीएमजे केस रिपोर्ट्स में प्रकाशित अध्ययन में बताया कि कमर की डोरी की कसावट ही इसके लिए जिम्मेदार है, और इसलिए इसे "पेटीकोट कैंसर" का नाम दिया गया। पहले मामले में 70 वर्षीय महिला ने चिकित्सा सहायता मांगी थी क्योंकि उसके दाहिने हिस्से पर 18 महीने से त्वचा का दर्दनाक अल्सर था जो ठीक नहीं हो रहा था। आस-पास की त्वचा ने भी अपना रंग खो दिया था जानकारी है कि यह महिला शुरू से ही साड़ी पहना करती थी। डॉक्टरों ने महिला की बायोप्सी की, जिसके बाद पता चला कि महिला को मार्जोलिन अल्सर था, जिसे स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (अल्सरेटेड स्किन कैंसर) भी कहा जाता है। डॉक्टरों कि माने तो मार्जोलिन अल्सर आमतौर पर कम देखने को मिलता है पर यह बेहद ही खतरनाक होता है यह पुराने जलने के घावों, न भरने वाले घावों, पैर के अल्सर, तपेदिक त्वचा गांठ और टीकाकरण और सांप के काटने से बने जख्मों में विकसित हो सकता है। डॉक्टरों ने कहा कि लेकिन अभी भी इस चीज का पता नहीं चल पाया है कि आखिर किस प्रकार अल्सर या घाव घातक बन जाते हैं उन्होंने आगे कहा कि "कमर पर लगातार दबाव के कारण अक्सर त्वचा कमजोर हो जाती है जिससे घाव या छाले बन सकते हैं।"


विशेषज्ञों ने कहा कि यह अल्सर अक्सर तंग कपड़ों के कारण लगातार दबाव के चलते पूरी तरह से ठीक नहीं होता है। एक पुराना घाव बन जाता है, जो आगे चलकर खतरनाक हो सकता है स्वास्थ्य विशेषज्ञ त्वचा पर दबाव को कम करने के लिए साड़ी के नीचे एक ढीला पेटीकोट पहनने की सलाह देते हैं और यदि त्वचा संबंधी समस्याएं विकसित होती हैं तो उस क्षेत्र को ठीक करने के लिए ढीले कपड़े पहनने की सलाह देते हैं।

छत्तीसगढ़ जिला