पेंशन योजना को लेकर छग सरकार के विरुद्ध शिक्षकों ने खोला मोर्चा
पब्लिक स्वर,रायपुर। पेंशन योजना को लेकर शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। शिक्षकों का आरोप है कि इस पेंशन योजना में पात्रता की गणना 2018 से करने के कारण अनेक शिक्षक पेंशन से वंचित हो रहे हैं। इसके कारण अनेक शिक्षकों को अल्प पेंशन मिलेगा। इस नियम के विरोध में शिक्षकों ने 20 फरवरी को प्रदेशभर में आंदोलन करने का निर्णय लिया है। सोमवार को प्रदेश के लगभग सभी स्कूलों में तालाबंदी होगी। हालांकि रायपुर के शिक्षकों को आंदोलन करने के लिए अनुमति नहीं मिली है। यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के चलते 20 से 28 तक प्रदर्शनाें के लिए अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद भी 100 शिक्षक रायपुर के बूढ़ापारा स्थित धरना स्थल पर एकत्रित होंगे।
शिक्षकों में आक्रोश
शिक्षक मोर्चा के शत्रुघन साहू, चन्द्रशेखर तिवारी, संजीव मानिकपुरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की घोषणा की थी, जिसके तहत अप्रैल 2012 से सभी शिक्षको की एनपीएस कटौती बंद कर पुरानी पेंशन हेतु कटौती प्रारंभ की गई है, अब 10 महीने बाद शासन, उसमें शासकीय सेवा का पेंच लगाकर हजारों शिक्षकों को पुरानी पेंशन से वंचित कर रहा है।
इस संबंध में विगत दिवस कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू, रविन्द्र चौबे, रुद्रगुरू व दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा से मांग का समर्थन व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद अगले चरण में जिला मुख्यालय में धरना- प्रर्दशन करेंगे। 20 फरवरी को ही सभी जिला मुख्यालय में धरना, प्रदर्शन, रैली हेतु शिक्षको को आमंत्रित किया है, जिसके कारण जिले के अधिसंख्य शिक्षको ने हड़ताल में रहने हेतु सूचना दे दिया है।
ताला बंद रहेगा स्कूलों में
व्यापक पैमाने पर शिक्षको के हड़ताल में जाने के कारण सैकड़ों स्कूल में तालाबंदी रहेगी, क्योंकि पुरानी पेंशन से सभी एलबी संवर्ग के शिक्षक प्रभावित हो रहे है, साथ ही शालाओं में अध्यापन ठप रहेगा, दरअसल प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन, 20 वर्ष की सेवा में पूर्ण पेंशन, सहायक शिक्षको की वेतन विसंगति, क्रमोन्नाति, पदोन्नाति, व्याख्याता वर्ग को भी वन टाइम रिलेक्सेशन देने की मांग समाहित है।
शिक्षको में वित्त विभाग व पेंशन शाखा के द्वारा अपरिवर्तनीय विकल्प पत्र शीघ्रता से जमा करने के आदेश से भारी रोष व्याप्त है, कई अधिकारी विकल्प पत्र भरे बिना वेतन नही देने की बात कर रहे है, जो मनमर्जी का परिचायक है, विकल्प के बिना वेतन रोकने का कोई भी आदेश नही है, इसी कारण कई अधिकारियों से शिक्षको को भिड़ंत भी है और शिक्षको में आक्रोश है।
मुख्यमंत्री ने 2004 से जारी एनपीएस को भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त कर दिया है, ऐसे में शासकीय कर्मचारी हो चुके एलबी संवर्ग को लाभ मिलना चाहिए, किन्तु अधिकारियों के द्वारा नए आदेश निकालकर शासकीय हो चुके शिक्षको के पेंशनमुख्यालय होक पर कुठाराघात किया जा रहा है, इसके खिलाफ सभी वर्ग - संवर्ग के शिक्षक एकजुट होकर सभी जिला मुख्यालय हिन्दी भवन दुर्ग के सामने 20 फरवरी को धरना, प्रदर्शन, रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौपेंगे।