राजनीति
चार हाथियों के झुंड के पास जाकर पत्थर फेंकते दिखे लोग, वन विभाग की सतर्कता पर उठे सवाल
पब्लिक स्वर,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल क्षेत्र से एक चिंताजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर जंगल में मौजूद हाथियों के झुंड के बेहद करीब पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग हाथियों की ओर पत्थर फेंकते हुए भी नजर आ रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई है।
वायरल वीडियो में चार हाथियों का एक दल जंगल के भीतर घूमता दिखाई दे रहा है। हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ लोग हाथियों के काफी नजदीक तक चले गए, जबकि कई लोग बेहतर दृश्य पाने के लिए पेड़ों पर चढ़े हुए भी दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा हाथियों की दिशा में पत्थर फेंके जाने का दृश्य भी कैमरे में कैद हुआ है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों जैसे जंगली और संवेदनशील वन्यजीवों के करीब जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। हाथी आमतौर पर बिना वजह हमला नहीं करते, लेकिन यदि उन्हें खतरे का आभास हो या उन्हें उकसाया जाए, तो वे अचानक आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में भगदड़, चोट या जान-माल के नुकसान जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों पर पत्थर फेंकना या उन्हें परेशान करना न केवल खतरनाक है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के नियमों के भी विपरीत माना जाता है। इससे हाथियों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है और मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
घटना के सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद ग्रामीणों को मौके पर पहुंचने से रोकने और सुरक्षा घेरा बनाने जैसी व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आईं। यदि समय रहते लोगों को नियंत्रित नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
मरवाही वन मंडल और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। ऐसे में वन विभाग के लिए चुनौती केवल हाथियों की निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को जागरूक करना और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करना भी उतना ही जरूरी है।
स्थानीय नागरिकों और वन्यजीव जानकारों ने मांग की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में नियमित मुनादी, चेतावनी बोर्ड, निगरानी दल और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि लोग रोमांच या जिज्ञासा के चलते अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें।फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों से अपील की जा रही है कि जंगली हाथियों के करीब जाने या उन्हें उकसाने जैसी गतिविधियों से बचें तथा वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।