सामुदायिक भवन निर्माण कार्य करते समय करंट की चपेट में आने से युवक की मौत
पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले के नगरी ब्लाक के ग्राम बोकराबेड़ा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य करते समय करंट की चपेट में आने से आत्माराम (29) की मौत हो गई।
सूत्रों के अनुसार बताया गया कि आत्माराम अपने मां-बाप का एकलौता पुत्र था। उसकी डेढ़ वर्ष की छोटी बच्ची है वही पत्नी का भी सहारा छिन गया है। साथ ही एक विवाह योग्य छोटी बहन भी है। इन सभी की परवरिश की जिम्मेदारी आत्माराम पर थी। उन्होेंने बताया कि स्थल निरीक्षण करने के बाद पता चला कि कार्य में घोर लापरवाही बरती गई है। इसमें तकनीक की भी घोर लापरवाही दिख रही है। नियमानुसार कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सूचना फलक का निर्माण नहीं किया गया है। वही निर्माण स्थल से होकर बिजली की मेन लाइन गुजरी है, जो की नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके साथ ही कार्य प्रारंभ करने से पूर्व बिजली बंद करने की सूचना नहीं दी गई थी। इसके साथ ही बिजली तार से भवन की दूरी का भी ध्यान नहीं दिया गया। जिससे इसमें प्रशासन की लापरवाही भी दिख रही है। प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है कि एक जवान बेटा मौत के मुंह में समा गया।
वही जिला गोंड़ समाज के उपाध्यक्ष व भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष महेंद्र नेताम, अजजा मोर्चा बेलरगांव उमेंद्र मरकाम व अजजा मोर्चा नगरी नरेंद्र नाग ने उसके स्वजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा राशि देने की मांग की है।
इसके बाद उन्होेंने आरोप लगाया कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य व प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में सीमेंटेड र्ईंट के बजाय लाल र्ईंट से भवन निर्माण किया जा रहा है जो शासन के नियमों का अनदेखी व सीधा उल्लंघन है। महेेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री अन्य प्रदेश में जाकर श्रेय लेने के लिए वहां के निवासियों के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा करते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में खासकर पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र आदिवासी परिवार के मुखिया की मृत्यु पर जिला प्रशासन का कोई अधिकारी अब तक नहीं पहुंचा। यह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। वही आदिवासियों को भगवान भरोसे छोड़कर मौत के मुंह में ढकेला जा रहा है। उमेंद्र व नरेंद्र नाग ने कहा है कि मृतक आत्माराम के परिजनों को यदि एक करोड़ मुआवजा राशि नहीं दी गई और संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआइआर कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो अजजा मोर्चा आदिवासी समाज के साथ वाजिब हक के लिए सत्याग्रह के लिए बाध्य होगा।