राजनीति
ड्यूटी में ढिलाई पड़ी भारी: कोंटा के दो अधिकारियों पर गिरी गाज
पब्लिक स्वर,सुकमा। शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन सुकमा ने दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त हेमंत सिन्हा द्वारा की गई।
पहले मामले में विकासखंड कोंटा के प्रभारी मंडल संयोजक पी. श्रीनिवास राव (मूल पद—प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला जग्गावारम) को निलंबित किया गया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने आवासीय संस्थाओं के पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही बरती और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अवहेलना की। प्रशासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सुकमा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
दूसरे प्रकरण में कोंटा विकासखंड के उरसांगल बालक आश्रम में पदस्थ प्रभारी अधीक्षक संतोष कुमार नाग को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। जांच में पाया गया कि वे बिना पूर्व सूचना के संस्था से अनुपस्थित रहे, कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया और शासकीय निर्देशों की अवहेलना की। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 तथा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 का उल्लंघन माना गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, छिंदगढ़ निर्धारित किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।