राजनीति
छत्तीसगढ़ कैबिनेट का मेगा फैसला: उद्योग, GST, NRDA और निजी विश्वविद्यालयों पर बड़े निर्णय
पब्लिक स्वर,रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, उद्योग, शिक्षा, ऊर्जा, कर व्यवस्था, पुलिस और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने कुल 11 अहम निर्णय लिए, जिनका उद्देश्य निवेश बढ़ाना, कारोबार को सरल बनाना, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, बिजली आपूर्ति को सुरक्षित करना और विभिन्न कानूनों को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप संशोधित करना है।
कारोबार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा। इसमें डीम्ड परमिशन, सेल्फ-सर्टिफिकेशन, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन, रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन और डबल लाइसेंसिंग खत्म करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इससे उद्योग लगाने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि अन्य अग्रणी राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन कर यह संशोधन तैयार किया गया है, जिससे निवेशकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए नियम
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। संशोधन के तहत विश्वविद्यालयों में विन्यास निधि की जगह रक्षित निधि का प्रावधान किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों के हित सुरक्षित रह सकें। साथ ही यूजीसी और अन्य नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप आधारभूत ढांचा, पुस्तकालय और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
बिजली भुगतान की नई व्यवस्था
कैबिनेट ने बिजली वितरण कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए ट्राइपार्टाइट एग्रीमेंट की जगह आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी। इससे एनटीपीसी समेत अन्य कंपनियों से बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी और राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
GST और VAT कानूनों में बदलाव
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य जीएसटी कानून को सरल बनाना, रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना तथा करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों को राहत देना है।
साथ ही छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी मिली। इसके तहत छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त किया जाएगा और उसके लंबित मामलों को राजस्व मंडल को स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार का तर्क है कि जीएसटी लागू होने के बाद इसकी आवश्यकता काफी कम हो गई है।
बस्तर फाइटर्स के नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) फाइटर आरक्षक सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी। इससे भर्ती और सेवा संबंधी प्रावधानों में आवश्यक बदलाव लागू होंगे।
NRDA की OTS योजना को मंजूरी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) द्वारा आवंटित भूखंडों और निर्मित परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी गई। इससे बकाया मामलों के निपटारे, परियोजनाओं को पूरा करने और भूमि के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण कानून और किरायेदारी कानून में बदलाव
कैबिनेट ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने का निर्णय लिया। इसके तहत छोटे उल्लंघनों को आपराधिक अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य खाली मकानों को किराए पर देने को बढ़ावा देना और मकान मालिक तथा किरायेदार के बीच विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
राजनांदगांव में बनेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आवंटन को भी मंजूरी दे दी।